कौन-सा रत्न किस राशि या ग्रह के लिए फायदेमंद या नुकसानदेह?
प्राचीन ग्रंथों में रत्नों के 84 से अधिक प्रकार बताए गए हैं। उनमें से बहुत तो अब मिलते ही नहीं। मुख्यरत: 9 रत्नों का ही ज्यादा प्रचलन है। इन 9 रत्नों के ही उपरत्न भी बहुत से हैं। यहां जो नुकसान की बात कही जा रही है, वह लाल किताब के अनुसार भी है। रत्नों को हम मुख्यत: 3 वर्गों में बांट सकते हैं- प्राणिज रत्न अर्थात जीव-जंतुओं के शरीर से प्राप्त, जैसे गजमुक्ता, मूंगा आदि। वानस्पतिक रत्न अर्थात वनस्पतियों से प्राप्त, जैसे वंशलोचन, तृणमणि, जेट आदि। खनिज रत्न अर्थात प्राकृतिक रचनाओं अर्थात चट्टान, भूगर्भ, समुद्र आदि से प्राप्त किए जाते हैं। आओ, जानते हैं कुछ प्रमुख रत्नों की जानकारी। मूंगा (प्रवाल) मंगल की राशि मेष और वृश्चिपक वालों के लिए मूंगा पहने की सलाह दी जाती है। मूंगा धारण करने से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। पुलिस, आर्मी, डॉक्टर, प्रॉपर्टी का काम करने वाले, हथियार निर्माण करने वाले, सर्जन, कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर इंजीनियर आदि लोगों को मूंगा पहनने से विशेष लाभ होता है। रक्त संबंधी रोग, मिर्गी तथा पीलिया में भी लाभदायक माना गया है। लेकिन इसके नुकसान भी हो सकते ...